इलनेस एंजायटी डिसऑर्डर (Illness Anxiety Disorder)
नमस्कार दोस्तों, क्या आपको बार-बार ऐसा लगता है कि कहीं आपको कोई गंभीर बीमारी तो नहीं हो गई? आप बार-बार डॉक्टर के पास जाते हैं, जांचे कराते हैं। सारी रिपोर्ट्स नॉर्मल आती हैं, फिर भी मन को चैन नहीं मिलता। अगर ऐसा है तो हो सकता है कि आपको इलनेस एंजायटी डिसऑर्डर हो, जिसे पहले हाइपोकॉन्ड्रियासिस भी कहा जाता था।
यह क्या है?
यह एक साइकेट्रिक डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति को लगातार डर बना रहता है कि उसे कोई गंभीर बीमारी (जैसे कैंसर, दिल की बीमारी, ब्रेन ट्यूमर) हो गई है, जबकि असल में सभी मेडिकल जांचें सामान्य होती हैं।
लक्षण (Symptoms)
- हर छोटी तकलीफ को बहुत गंभीर बीमारी समझना
- Google पर बार-बार लक्षणों को खोजना
- डॉक्टर के पास बार-बार जाना या बिल्कुल ना जाना
- दोस्तों/परिवार से बार-बार पूछना कि मैं ठीक हूँ या नहीं
- बेचैनी, घबराहट, नींद की समस्या
कारण (Causes)
- बचपन में गंभीर बीमारी या किसी करीबी की मृत्यु
- परिवार में किसी को स्वास्थ्य को लेकर चिंता होना
- तनाव को ठीक से संभाल न पाना
- टीवी, न्यूज़ या इंटरनेट से बार-बार बीमारी की जानकारी लेना
दिमाग में होने वाले बदलाव
इस बीमारी में दिमाग के कुछ हिस्सों जैसे Anterior Insula, Amygdala, और Default Mode Network की एक्टिविटी बढ़ जाती है। साथ ही Prefrontal Cortex की एक्टिविटी कम हो जाती है, जिसकी वजह से सामान्य बॉडी सेंसेशन भी दिमाग को खतरनाक लगने लगती है।
इलाज (Treatment)
- Cognitive Behaviour Therapy (CBT) – नेगेटिव सोच को पहचानना और बदलना
- जरूरत पड़ने पर SSRIs दवाइयाँ
- योगा और मेडिटेशन
- लक्षणों को Google पर बार-बार सर्च न करना
निष्कर्ष: इलनेस एंजायटी डिसऑर्डर एक जटिल लेकिन मैनेज किया जा सकने वाला मानसिक रोग है। सही समय पर इंटरवेंशन और उपचार से व्यक्ति की जीवन गुणवत्ता बेहतर की जा सकती है।
– Dr. Gaurav Verma